Baglamukhi Chalisa PDF: An Introduction to the Powerful Prayer

Baglamukhi Chalisa एक शक्तिशाली प्रार्थना है जो देवी बगलामुखी को समर्पित है, जिसे माना जाता है कि वह भक्तों को सभी प्रकार की नकारात्मक ऊर्जाओं से संरक्षण प्रदान करती है। बगलामुखी चालीसा PDF के जप के महत्व और लाभों के बारे में अधिक जानने के लिए पढ़ें।

Introduction: Baglamukhi Chalisa PDF

Baglamukhi Chalisa PDF देवी बगलामुखी को समर्पित एक भक्तिपूर्ण ध्यानमंत्र है। यह माना जाता है कि भक्ति और विश्वास के साथ Chalisa का जाप करने से देवी के आशीर्वाद मिलते हैं और उनके भक्तों को सभी प्रकार की नकारात्मकता, शैतानी ऊर्जाओं और शत्रुओं से संरक्षण प्रदान करते हैं।

बगलामुखी चालीसा शक्तिशाली प्रार्थना है जिसे भक्त देवी Bagalmukhi के आशीर्वाद के लिए जपते हैं, जो नकारात्मक ऊर्जाओं को नियंत्रित और दबाती हैं। चालीसा 40 चौपाईयों से बना है, जो देवी की महिमा और गुणों का वर्णन करते हैं।

इस लेख में, हम Baglamukhi Chalisa का महत्व और उसके लाभों की विस्तृत जानकारी देखेंगे।

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Maa Baglamukhi Chalisa In Hindi

।। अथ श्री बगलामुखी चालीसा ।।

1- नमो महाविधा बरदा , बगलामुखी दयाल ।

स्तम्भन क्षण में करे , सुमरित अरिकुल काल ।।

2- नमो नमो पीताम्बरा भवानी , बगलामुखी नमो कल्यानी ।।

भक्त वत्सला शत्रु नशानी , नमो महाविधा वरदानी ।।

3- अमृत सागर बीच तुम्हारा , रत्न जड़ित मणि मंडित प्यारा ।

स्वर्ण सिंहासन पर आसीना , पीताम्बर अति दिव्य नवीना ।।

4- स्वर्णभूषण सुन्दर धारे , सिर पर चन्द्र मुकुट श्रृंगारे ।

तीन नेत्र दो भुजा मृणाला, धारे मुद्गर पाश कराला ।।

5- भैरव करे सदा सेवकाई , सिद्ध काम सब विघ्न नसाई ।

तुम हताश का निपट सहारा , करे अकिंचन अरिकल धारा ।।

6- तुम काली तारा भुवनेशी ,त्रिपुर सुन्दरी भैरवी वेशी ।

छिन्नभाल धूमा मातंगी , गायत्री तुम बगला रंगी ।।

7- सकल शक्तियाँ तुम में साजें, ह्रीं बीज के बीज बिराजे ।

दुष्ट स्तम्भन अरिकुल कीलन, मारण वशीकरण सम्मोहन ।।

8- दुष्टोच्चाटन कारक माता , अरि जिव्हा कीलक सघाता ।

साधक के विपति की त्राता , नमो महामाया प्रख्याता ।।

9- मुद्गर शिला लिये अति भारी , प्रेतासन पर किये सवारी ।

तीन लोक दस दिशा भवानी , बिचरहु तुम हित कल्यानी ।।

10- अरि अरिष्ट सोचे जो जन को , बुध्दि नाशकर कीलक तन को ।

हाथ पांव बाँधहु तुम ताके,हनहु जीभ बिच मुद्गर बाके ।।

11- चोरो का जब संकट आवे , रण में रिपुओं से घिर जावे ।

अनल अनिल बिप्लव घहरावे , वाद विवाद न निर्णय पावे ।।

12- मूठ आदि अभिचारण संकट . राजभीति आपत्ति सन्निकट ।

ध्यान करत सब कष्ट नसावे , भूत प्रेत न बाधा आवे ।।

13- सुमरित राजव्दार बंध जावे ,सभा बीच स्तम्भवन छावे ।

नाग सर्प ब्रर्चिश्रकादि भयंकर , खल विहंग भागहिं सब सत्वर ।।

14- सर्व रोग की नाशन हारी, अरिकुल मूलच्चाटन कारी ।

स्त्री पुरुष राज सम्मोहक , नमो नमो पीताम्बर सोहक ।।

15- तुमको सदा कुबेर मनावे , श्री समृद्धि सुयश नित गावें ।

शक्ति शौर्य की तुम्हीं विधाता , दुःख दारिद्र विनाशक माता ।।

16- यश ऐश्वर्य सिद्धि की दाता , शत्रु नाशिनी विजय प्रदाता ।

पीताम्बरा नमो कल्यानी , नमो माता बगला महारानी ।।

17- जो तुमको सुमरै चितलाई ,योग क्षेम से करो सहाई ।

आपत्ति जन की तुरत निवारो , आधि व्याधि संकट सब टारो ।।

18- पूजा विधि नहिं जानत तुम्हरी, अर्थ न आखर करहूँ निहोरी ।

मैं कुपुत्र अति निवल उपाया , हाथ जोड़ शरणागत आया ।।

19- जग में केवल तुम्हीं सहारा , सारे संकट करहुँ निवारा ।

नमो महादेवी हे माता , पीताम्बरा नमो सुखदाता ।।

20- सोम्य रूप धर बनती माता , सुख सम्पत्ति सुयश की दाता ।

रोद्र रूप धर शत्रु संहारो , अरि जिव्हा में मुद्गर मारो ।।

21- नमो महाविधा आगारा, आदि शक्ति सुन्दरी आपारा ।

अरि भंजक विपत्ति की त्राता, दया करो पीताम्बरी माता ।।

22- रिद्धि सिद्धि दाता तुम्हीं, अरि समूल कुल काल ।

मेरी सब बाधा हरो, माँ बगले तत्काल ।।

Baglamukhi Chalisa In Hinglish

।। Doha ।।

Namo Mahavidya Barada, Bagalamukhi Dayala|
Stambhana Kshana Mem Kare , Sumirata Arikula Kala||

।। Chaupai ।।

Namo Namo Pitambara Bhavani, Bagalamukhi Namo Kalyani |1|

Bhakta Vatsala Shatru Nashani , Namo Mahavidya Varadani |2|

Anrita Sagara Bicha Tunhara, Ratna Jadita Mani Mandita Pyara |3|

Svarna Sinhasana Para Asina, Pitambara Ati Divya Navina |4|

Svarnabhushana Sundara Dhare , Sira Para Chandra Mukuta Shrringare |5|

Tina Netra Do Bhuja Nrinala , Dhare Mudgara Pasha Karala |6|

Bhairava Karem Sada Sevarkai , Siddha Kama Saba Vighna Narsai |7|

Tuma Hatasha Ka Nipata Sahara, Kare Akinchana Arikala Dhara |8|

Tuma Kali Tara Bhavaneshi , Tripura Sundari Bhairavi Veshi |9|

Chhinnabhala Dhuma Matangi, Gayatri Tuma Bagala Rangi |10|

Sakala Shaktiyam Tuma Mem Sajem, Hlim Bija Ke Bija Birajem |11|

Dushta Stambhana Arikula Kilana, Marana Vashikarana Sammohana |12|

Dushtochchatana Karaka Mata, Ari Jivha Kilaka Saghata |13|

Sadhaka Ke Vipati Ki Trata, Namo Mahamaya Prakhyata |14|

Mudgara Shila Liye Ati Bhari, Pretasana Para Kiye Savari |15|

Tina Loka Dasa Disha Bhavani, Bicharahu Tuma Jana Hita Kalyani |16|

Ari Arishta Soche Jo Jana Ko, Buddhi Nashakara Kilaka Tana Ko |17|

Hatha Pamva Bandhahum Tuma Take, Hanahu Jibha Bicha Mudgara Bake |18|

Chorom Ka Jaba Sankata Ave, Rana Mem Ripuom Se Ghira Jave |19|

Anala Anila Biplava Ghaharave, Vada Vivada Na Nirnaya Pave |20|

Mutha Adi Abhicharana Sankata, Rajabhiti Apatti Sannikata |21|

Dhyana Karata Saba Kashta Nasave, Bhuta Preta Na Badha Ave |22|

Sumirata Rajadvara Bandha Jave, Sabha Bicha Stambhavana Chhave |23|

Naga Sarpa Brichshrikadi Bhayankara, Khala Vihanga Bhagahim Saba Satvara |24|

Sarva Roga Ki Nashana Hari, Arikula Mulochchatana Kari |25|

Stri Purusha Raja Sammohaka, Namo Namo Pitambara Sohaka |26|

Tumako Sada Kubera Manavem, Shri Sanriddhi Suyasha Nita Gavem |27|

Shakti Shaurya Ki Tunhim Vidhata, Duhkha Daridra Vinashaka Mata |28|

Yasha Aishvarya Siddhi Ki Data, Shatru Nashini Vijaya Pradata |29|

Pitambara Namo Kalyani, Namo Matu Bagala Maharani |30|

Jo Tumako Sumarai Chitarlai , Yoga Kshema Se Karo Sarhai |31|

Apatti Jana Ki Turata Nivaro, Adhi Vyadhi Sankata Saba Taro |32|

Puja Vidhi Nahim Janata Tunhari, Artha Na Akhara Karahum Nihori |33|

Maim Kuputra Ati Nivala Upaya, Hatha Jor Sharanagata Aya |34|

Jaga Mem Kevala Tunhim Sahara, Sare Sankata Karahum Nivara |35|

Namo Mahadevi He Mata, Pitambara Namo Sukhadata |36|

Saunya Rupa Dhara Banati Mata, Sukha Sampatti Suyasha Ki Data |37|

Raudra Rupa Dhara Shatru Sanharo, Ari Jivha Mem Mudgara Maro |38|

Namo Mahavidya Agara, Adi Shakti Sundari Apara |39|

Ari Bhanjaka Vipatti Ki Trata, Daya Karo Pitambari Mata |40|

।। Doha ।।

Riddhi Siddhi Data Tunhim, Ari Samula Kula Kala|
Meri Saba Badha Haro, Mam Bagale Tatkala||

Who is Goddess Baglamukhi?


देवी Bagalmukhi हिंदू धर्म में दस महाविद्याओं या महादेवियों में से एक हैं। वह पीताम्बरा देवी या ब्रह्मास्त्र रूपिणी के नाम से भी जानी जाती हैं और नकारात्मक ऊर्जाओं और शत्रुओं को नियंत्रित और उन्हें शांत करने की शक्ति हैं। बगलामुखी को अक्सर सुनहरी त्वचा वाली युवती के रूप में चित्रित किया जाता हैं, जो पीले वस्त्र पहनती हुई एक गदा और ढाल लेकर दिखाई देती हैं।

पुराणों के अनुसार, वह भगवान Bishnu की गहरी नींद के दौरान उनकी सांस से उत्पन्न हुई थीं और उन्हें शत्रुओं को नियंत्रित और हराने की शक्ति दी गई थी। भक्त उनकी पूजा करते हैं ताकि वे शत्रुओं, बीमारियों और अन्य नकारात्मक ऊर्जाओं से सुरक्षा प्राप्त कर सकें और ज्ञान, शक्ति और सफलता प्राप्त कर सकें।

Mythological significance of Goddess Baglamukhi


Hindu धर्म में देवी Bagalmukhi का महापुराणिक महत्व होता है। वह शत्रुओं को नियंत्रित करने और Brahmand की रक्षा करने के लिए जानी जाती हैं। उनका उत्पत्ति भगवान bishnu की सांस से हुई थी और उन्हें शत्रुओं को हराने की शक्ति भगवान brahma ने दी थी। बगलामुखी को समुद्र मंथन की कहानी से भी जोड़ा जाता है और उनकी पूजा सुरक्षा और समृद्धि के लिए की जाती है।

Symbolism of Baglamukhi


Bagalmukhi आमतौर पर एक गदा और ढाल पकड़ते हुए दिखाई देती हैं, जो उनकी शत्रुओं को हराने और अपने भक्तों की रक्षा करने की शक्ति को प्रतिनिधित करते हैं। गदा शक्ति और बाधाओं को पार करने की क्षमता को दर्शाती है, जबकि ढाल नकारात्मक शक्तियों से संरक्षण का protik है।

Devi की सोने जैसी त्वचा उनकी पवित्रता और दिव्यता को दर्शाती है, जबकि वह पहनती है पीले रंग के कपड़े जो ज्ञान और बुद्धि को दर्शाते हैं। उनकी जिस पर वे आसीन होती हैं, उसमें से उगने वाले कमल का फूल आध्यात्मिक उद्घोष का protik है जो शुद्धता और ज्ञान को दर्शाता है। समग्र रूप से, बगलामुखी की प्रतीकता उन्हें एक शक्तिशाली देवी के रूप में दर्शाती है जो अपने भक्तों की रक्षा करती है और उन्हें शक्ति, ज्ञान और समृद्धि प्रदान करती हैं।

Benefits of worshipping Goddess Baglamukhi

देवी Bagalmukhi की पूजा करने से bohut लाभ मिलने का विश्वास है, जिसमें शत्रुओं, बीमारियों और नकारात्मक ऊर्जाओं से संरक्षण शामिल है। भक्त भी सफलता, ज्ञान और शक्ति की कामना के लिए उनका आशीर्वाद mangte हैं। बगलामुखी को नकारात्मक शक्तियों को नियंत्रित करने और उन्हें शांत करने की शक्ति मानी जाती है, और उनकी puja उन लोगों के लिए बहुत फायदेमंद मानी जाती है जो अपनी बाधाओं को पार करना चाहते हैं और अपने लक्ष्यों को हासिल करना चाहते हैं।

What is the Baglamukhi Chalisa?


• Goddess Baglamukhi is worshipped for protection from negative energies, enemies, and obstacles.
• The Baglamukhi Chalisa is a devotional hymn dedicated to Goddess Baglamukhi.
• The Chalisa is composed of 40 verses

Conclusion:

Bagalmukhi Chalisa देवी बगलामुखी को समर्पित एक शक्तिशाली प्रार्थना है, जो माना जाता है कि वह भक्तों को सभी प्रकार की नकारात्मक ऊर्जाओं से बचाने वाली devi शक्ति है। Chalisa का जप भक्ति और विश्वास के साथ किया जाना, संरक्षण, सफलता, समृद्धि और आंतरिक शांति जैसे विभिन्न लाभ लाने में मदद करता है। Bagalmukhi के प्रतीक और हिंदू धर्म में उनके पौराणिक महत्व ने चालीसा के आध्यात्मिक मूल्य को बढ़ाया है। देवी के भक्त नियमित रूप से बगलामुखी चालीसा का जप करके उनके आशीर्वाद से एक पूर्णजनक और समृद्ध जीवन की प्राप्ति कर सकते हैं।

FAQs:

  1. How long does it take to chant the Baglamukhi Chalisa?

    Ans: The Baglamukhi Chalisa is a prayer composed of 40 verses, and it takes around 15-20 minutes to chant it with devotion and faith.

  2. Can anyone chant the Baglamukhi Chalisa?

    Ans: Yes, anyone can chant the Baglamukhi Chalisa with devotion and faith, regardless of their gender, age, or caste.

  3. What is the best time to chant the Baglamukhi Chalisa?

    Ans: The Baglamukhi Chalisa can be chanted at any time of the day, but it is recommended to chant it in the morning or evening for better results.

  4. Do I need to perform any rituals before chanting the Baglamukhi Chalisa?

    Ans: No, there are no specific rituals or preparations required before chanting the Baglamukhi Chalisa. You can chant it with a pure heart and mind.

  5. What language is the Baglamukhi Chalisa written in?

    Ans: The Baglamukhi Chalisa is usually written in Hindi, but there are also versions available in other languages like Sanskrit and English.


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