Durlabh Kashyap Biography In Hindi | दुर्लभ कश्यप

आज इस पोस्ट में हम Durlabh Kashyap Biography In HINDI के बारे में सम्पूर्ण तथ्य प्रदान करेंगे | दुर्लभ कश्यप का कहानी के साथ साथ उसका परिबार उम्र के बारे में डिसकस करेंगे।Durlabh Kashyap history in hindi | Durlabh Kashyap Biography In Hindi दुर्लभ कश्यप के जीवन के बारे में जानने के लिए इस पोस्ट के साथ अंत तक बने रहें।

Durlabh Kashyap Biography In Hindi

दुर्लभ कश्यप मध्य प्रदेश के उज्जैन का रहने वाला कुख्यात अपराधी था। अपराध करने के लिए social media का सहारा लेता था। उनके अपराध से जुड़े कई मामले हैं, जैसे अवैध हथियारों का कारोबार, किसी को जान से मारने की धमकी देना और हत्या का प्रयास, ये सभी मामले दुर्लभ कश्यप से जुड़े थे।छोटी सी उम्र में अपराध की दुनिया में कदम रखने वाले दुर्लभ कश्यप (Durlabh Kashyap Biography In Hindi ) की महज 20 साल की उम्र में हत्या कर दी गई थी. इसलिए कहा जाता है कि अपराध की दुनिया बहुत छोटी होती है। अगर उसने अपराध की दुनिया में कदम नहीं रखा होता तो वह आज जिंदा होता और खुशहाल जिंदगी जी रहा होता।

Durlabh Kashyap Biography In Hindi
Durlabh Kashyap Biography In Hindi

वे भोलेनाथ के परम भक्त थे। जो हर काम करने से पहले महाकाल की पूजा किया करती थी। वह दिखने में बेहद मासूम थे। उसके इरादे भी उतने ही खतरनाक थे। पूरे मध्य प्रदेश में उनकी खबरें हर जगह सुर्खियां बटोरती थीं। वो भी किसी नेक काम के लिए नहीं बल्कि उनके द्वारा किए गए। वह हत्या, चोरी, डकैती, अपहरण के लिए जाना जाता था।

नामदुर्लभ कश्यप
उपनामकोहिनूर
जन्म08 नवंबर 2000
जन्म स्ताननेदुमुडी, त्रावणकोर
उम्र20 साल
स्कूलरोसरी सिनिर सेकेंडरी स्कूल , दिल्ली
सेंट जोशेफ हायर सेकेंडरी स्कूल , तिरुवनंतपुरम
घृहनगरउज्जैन, मध्य प्रदेश, भारत
व्यवसाय
• गैंगस्टर
• हत्यारा 
• कुख्यात अपराधी
नागरिकताभारतीय
लंबाई5 फीट 10 इंच
धर्महिन्दू
जातीब्राह्मण
प्रेमिकाशिवांगी
आँखों का रंगभूरा
बालों का रंगकाला
लंबाई5 फूट 10 इंच
पितामनोज कश्यप
मातापद्मा
ह्त्या की तारीख06 सितंबर 2020
Durlabh Kashyap Biography In Hindi

माथे में लाल टीका, आंखों में सुरमा, गले में काला गमछा के साथ काली कुर्ती। यह दुर्लभ कश्यप की पहचान थी। उसका एक गिरोह था। जो उन्हें कोहिनूर के नाम से पुकारते थे। कैसे एक मासूम सा दिखने वाला चेहरा दबंगई की ओर मुड़ गया और अपनी जान गंवा बैठा।

Durlabh Kashyap Biography In Hindi में

दुर्लभ कश्यप का जन्म 08 नवंबर 2000 को उज्जैन, मध्य प्रदेश, भारत में हुआ था। उनके पिता का नाम मनोज कश्यप हैवह पेशे से सरकारी स्कूल के शिक्षक थे। इनकी माता का नाम पद्मा था।उनकी मां उज्जैन के क्षीरसागर में एक स्कूल टीचर थीं। उनका उपनाम कोहिनूर था। उनका जन्म एक मध्यमवर्गीय हिंदू परिवार में हुआ था। वह हमेशा माथे पर लाल धब्बा, आंखों में काजल और कंधे पर काला दुपट्टा ओढ़े रहता था। उसके गिरोह के सदस्य भी इसे पहनते थे।

Durlabh Kashyap Biography In Hindi
Durlabh Kashyap Biography In Hindi

फेसबुक के सहारे दुर्लभ कश्यप फैला रहा था आतंक उसके साथ विभिन्न लोगों का एक गिरोह था जो डराता था, जान से मारने की धमकी देता था और गंभीर अपराध करता था। उसके गिरोह में कई ऐसे नाबालिग थे जो दुर्लभ कश्यप के साथ मिलकर संगीन अपराध करते थे.

कैसे करता था दुर्लभ कश्यप अपराध Durlabh Kashyap Biography In Hindi

17 साल की उम्र में उसने अपराध की दुनिया में कदम रखा था। सोशल मीडिया उसके अपराध का मुख्य माध्यम था। वह फेसबुक और व्हाट्सएप के जरिए आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देता था। वह रोज फेसबुक पोस्ट के जरिए रंगदारी, हफ्ता वसूली, लूट और सुपारी लेता था।

बताया जाता है कि दुर्लभ ने अपने एक सोशल मीडिया प्रोफाइल पर कुख्यात बदमाश और चर्चित अपराधी लिखा था। उन्होंने अपने पेज पर लिखा था कि किसी भी तरह के विवाद समाधान के लिए संपर्क करें। हालांकि साल 2018 में पुलिस ने दुर्लभ और उसके गिरोह का भंडाफोड़ किया था। साल 2020 में कोविड लहर के दौरान उन्हें बाकी कैदियों की तरह जेल से रिहा किया गया था. 6 सितंबर 2020 को दुर्लभ एक चाय की दुकान पर था। इस दौरान उसका दूसरे गिरोह से विवाद हो गया। गैंगवार में दुर्लभ(Durlabh Kashyap Biography In Hindi ) की मौत पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार चाकुओं से उसे 25 से अधिक बार वार किया गया.

Durlabh Kashyap Biography In Hindi
Durlabh Kashyap Biography In Hindi

Durlabh Kashyap Biography In Hindi--उज्जैन में युवाओं के बीच उनकी लोकप्रियता बढ़ने लगी थी। धीरे-धीरे उसके गैंग में 100 से ज्यादा लड़के शामिल हो गए थे। उसने धीरे-धीरे शहर में आतंक फैलाना शुरू कर दिया। चायवाले से लेकर बड़े कारोबारी तक उनके नाम से कांपते थे. आप कल्पना कर सकते हैं कि एक 18 साल के लड़के ने किस तरह का आतंक मचा रखा है।

उज्जैन में धीरे-धीरे कई दुश्मन बन रहे थे। उसमें उसके सबसे बड़े दुश्मन शाहनवाज और शादाब गैंग के लोग थे। उस गिरोह के लोग हमेशा जागते रहते थे। उन्हीं से रंजिश के चलते उसकी हत्या की गई।दुर्लभ कम उम्र के लड़कों में काफी लोकप्रिय हो रहा था, इसलिए उसके गिरोह में कई लड़के शामिल हो गए थे और यह गिरोह अब मारपीट, रंगदारी और लूटपाट करने लगा था। महज 18 साल की उम्र में उनके खिलाफ 9 आपराधिक मामले दर्ज हो चुके थे।

दुर्लभ कश्यप का शैक्षिक जीवन Durlabh Kashyap Biography In Hindi


Durlabh Kashyap Biography In Hindi–दोनों माता-पिता को उम्मीद थी। कि वह एक दिन कुछ अच्छा करेगा। इसके चलते उन्होंने लोकमान्य तिलक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में उसका दाखिला करा दिया। लेकिन उसके रंग स्कूल में ही दिखने लगे। कुछ दिनों के बाद जब भी स्कूल के सीनियर्स और जूनियर्स के बीच लड़ाई होती थी।

तो वह उस लड़ाई में कूद जाएगा।समय के साथ-साथ उसका दबदबा इतना बढ़ गया। कि वह भी इन लड़ाइयों को निपटाने लगा। फिर कुछ ही समय में स्कूल में उनकी छवि एक दबंग छात्र की बन गई। इसके बाद जो भी लड़ाई होती है. लोग दुर्लभ कश्यप के पास समझौता करने के लिए आते थे।

स्कूल के इस माहौल ने उनके मन को प्रभावित किया। वह 16 साल की उम्र में अपराध के रास्ते पर चल पड़ा था। 2017 तक उसने अपने स्कूल के दोस्तों के साथ मिलकर गैंग बना लिया। फिर ये मारपीट, रंगदारी, कार के शीशे तोड़ना और कार लूटना. ये सब करने लगे। धीरे-धीरे उनका गैंग बढ़ता गया।

दुर्लभ कश्यप हत्याकांड Durlabh Kashyap Biography In Hindi


Durlabh Kashyap Biography In Hindi :दिन था 6 सितंबर 2020। जब दुर्लभ अपनी टीचर मां के साथ घर में था। उस दिन उसकी माँ ने दाल बाटी बनाई थी। तभी उसके कुछ दोस्त उसे नीचे से बुलाते हैं। फिर वह अपनी मां से यह कहकर बाहर आता है कि वह बाहर से चक्कर लगाकर आता है।

वह अपने दोस्तों के साथ थोड़ी दूर पर एक चाय की दुकान पर पहुंचता है। चाय की दुकान पर दुर्लभ (Durlabh Kashyap Biography In Hindi ) और उसके 4 साथी रात के 1:30 बजे चाय पीते हैं। तभी चाय की दुकान पर उसका एक दुश्मन उससे टकरा जाता है। सचिन अतुल ने जेल में उनसे जो बात कही थी. बाहर जाओगे तो मार खाओगे। 6 सितंबर 2020 शायद वह दिन था। वे चाय पी रहे हैं। तभी शाहनवाज नाम का एक और गैंगस्टर अपने पूरे गिरोह के साथ आता है। दुर्लभ के मन में उससे रंजिश थी।

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वारदात के दौरान कई बार दोनों का आमना-सामना भी हुआ। इसी बीच शाहनवाज और दुर्लभ कश्यप के बीच खींचतान शुरू हो जाती है। तभी शाहनवाज गैंग के लोगों ने दुर्लभ पर हमला कर दिया। तभी दुर्लभ ने भी पिस्टल निकालकर शाहनवाज पर गोली चला दी। संयोग से गोली शाहनवाज के कंधे में लगी। वह बच जाता है। इसके बाद शाहनवाज के बाकी साथी रेरा का शिकार हो जाते हैं। दुर्लभ के बाकी साथी किसी तरह जान बचाकर वहां से भाग निकले। तभी दुर्लभ कश्यप वहां अकेले फंस गए हैं।

Durlabh Kashyap Biography In Hindi : क्या आप जानते हैं दुर्लभ कश्यप की कार्यशैली क्या थी? मैं आपको बता दूं कि उनका सुपारी लेने का अंदाज बड़ा ही अजीब था, वे सीधे फेसबुक पर तरह-तरह की पोस्ट लिखा करते थे और इतिहासकार के रूप में मशहूर होने के लिए फेसबुक पर खुलकर खूब लिखते थे.

उनकी कार्यशैली की बात कहां जाए, उनकी कार्यशैली बहुत अलग थी। क्योंकि जहां लोग बुरे कामों को छुपाते थे, वहीं दुर्लभ कश्यप सभी लोगों को बताकर क्रिमिनल केस चलाते थे।

उसकी कार्यशैली और आपराधिक शैली डिजिटल थी, वह मुख्य रूप से फेसबुक और व्हाट्सएप के माध्यम से अपने अपराध करता था। वह अपने क्लाइंट्स से फेसबुक और व्हाट्सएप के जरिए मिलते थे और जिनके पास जॉब थी वो दुर्लभ कश्यप को फेसबुक और व्हाट्सएप के जरिए ही काम देते थे.

Durlabh Kashyap Biography In Hindi–धीरे-धीरे वह इलाके का सबसे बड़ा और ताकतवर गैंग बन गया और अपने इलाके के लोगों पर कहर बरपाने लगा। दुर्लभ कश्यप ने इतने शत्रु बना लिये थे, खतरे से सकुशल आपके दर्शन करने भी क्यों नहीं जा रहा था? उसकी लड़ाई मुख्य रूप से शाहनवाज और शादाब गिरोहों से होती थी और इन्हीं गिरोहों की वजह से वह मारा भी जाता था. दुर्लभ कश्यप जीवनी लेख हिंदी में आपको दुर्लभ कश्यप हत्या के बारे में भी पूरी जानकारी मिलेगी, अगर आप भी दुर्लभ कश्यप के बारे में पूरी जानकारी चाहते हैं तो इस लेख को पूरा पढ़ें।

Durlabh Kashyap Biography In Hindi

Durlabh Kashyap Biography In Hindi FAQ’s

  1. दुर्लभ कश्यप की पहचान क्या थी?

    माथे पर लाल दाग, आंखों में काजल और कंधे पर काला दुपट्टा उनकी पहचान हुआ करती थी।

  2. दुर्लभ कश्यप की मौत कब हुई?

    7 सितंबर 2020 को रात के 2:00 बजे 34 बार चाकू घोंप कर हत्या कर दी गई थी।

  3. क्या दुर्लभ कश्यप की माँ अब भी जीवित हैं?

    दुर्लभ कश्यप एक गैंगस्टर था और 2020 में उसकी मौत हो गई थी। उसके मरने के कुछ महीने बाद उसकी मां का भी देहांत हो गया था।

  4. दुर्लभ कश्यप के पिता का नाम क्या था?

    दुर्लभ कश्यप के पिता का नाम मनोज कश्यप है। जोकि पेशे से एक सरकारी स्कूल शिखक थे।

  5. दुर्लभ कश्यप को मारने वाला कौन है?

    दुर्लभ कश्यप को मारने वाला शाहनवाज और शादाब गैंग के लोग थे।


    1 thought on “Durlabh Kashyap Biography In Hindi | दुर्लभ कश्यप”

    1. धन्यवाद सर इस ब्लॉग पोस्ट में जानकारी साझा करने के लिए क्योंकि दुर्लभ कश्यप के बारे में हम बहुत दिन से जानना चाहते थे सोशल मीडिया पर आए दिन इस बदमाश की चर्चा होती थी.

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